Thursday, 27 March 2014

सवालों के जवाब - और सवाल

हार या जीत ?
ज़िन्दगी क्या और कुछ भी नहीं ?


भगवान या शैतान ?
इंसान होना क्या काफी नहीं ?


ज़मी या आसमान ?
इनके बीच क्या कुछ भी नहीं ?


इस पार या उस पार ?
दरिया का जीना क्या जीना नहीं ?


आता है या नहीं आता ?
जानना ज़रूरी नहीं ?


रुकना है या चलना है ?
सोचना ज़रूरी नहीं ?


सही है या ग़लत ?
छोड़ ना । नहीं ?


लायक हूँ या नालायक ?
मैं तो कुछ भी नहीं

5 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (30-03-2014) को "कितने एहसास, कितने ख़याल": चर्चा मंच: चर्चा अंक 1567 में "अद्यतन लिंक" पर भी है!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    अभिलेख द्विवेदी

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  2. धन्यवाद अभिलेख ।

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  3. बढ़िया लेखन संदीप भाई , धन्यवाद व स्वागत है मेरे लिंक पे -
    Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

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  4. बहुत खूब चिंतन से भरी रचना ..

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    1. कविताजी व आशीश भाई आपका सादर धन्यवाद ।

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